देश में महंगाई प्रतिदिन नए आयाम छू रही है। महंगाई के कारण केवल देश के लोगों का ही नहीं बल्कि बड़ी-बड़ी कंपनियों का बजट भी बिगड़ने लगा है। हाल ही में देश की बिस्किट बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी ब्रिटानिया के प्रबंधक निदेशक और सीईओ वरुण बेरी ने ब्लूमबर्ग को एक इंटरव्यू में बताया है कि बढ़ती मंहगाई के कारण तेजी से कंपनी की लागत बढ़ रही है। मंहगाई के दबाब को कम करने के लिए कंपनी अपने उत्पादों की कीमत 7 फीसदी तक बढ़ाने की योजना पर कार्य कर रही है।
अनुमान से 3 गुना बढ़ी मंहगाई: वरुण बेरी ने बताया कि रूस यूक्रेन युद्ध के बाद हालात तेजी से खराब हुए हैं महंगाई बढ़ी है। यह पिछले दो सालों में सबसे खराब समय है। हमने इस साल 3 फीसदी तक महंगाई बढ़ने का अनुमान लगाया था लेकिन अनुमान से 3 गुना अधिक 8 से 9 फीसदी तक महंगाई बढ़ी है। ऐसे में कीमतों को काबू में रखना अब लिमिट से बहार है।
भारत में कम हो सकती है मांग: अमेरिकी दिग्गज रिसर्च फर्म जेफरीज (Jefferies) का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण पहले से ही दुनियाभर में कंपनियों को लेबर की कमी और अन्य कारणों की वजह से आपूर्ति-श्रृंखला (Supply -Chain में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, रूस – यूक्रेन युद्ध ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है। दुनिया भर में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। भारत जहां 60 फीसदी से अधिक मांग देश में निजी क्षेत्र से आती है। कीमतों में भारी उछाल से मांग में कमी देखने को मिल सकती है।
ये कंपनियां बढ़ा चुकी है कीमतें: हाल ही में देश की दो सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियां नेस्ले और हिंदुस्तान यूनिलीवर ने बढ़ती लागत के चलते कीमतों में वृद्धि की है। नेस्ले की ओर से देश का सबसे जायदा बिकने वाला नूडल मैगी की कीमतों में 9 से 16 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है । नेस्ले के टेट्रा पैक वाले दूध A+ की कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है जबकि नेस्ले की कॉफी पाउडर नेस्कैफे के 3 से 7 फीसदी बढ़ा दिया गए हैं।
देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। ब्रू कॉफी पाउडर के दाम 3 से 7 फीसदी की बढ़ोतरी की। ताज महल चाय के दाम 3.7 से 5.8 फीसदी की बढ़ोतरी की है जबकि साबुन और डिटर्जेंट पाउंडर के दामों में 1.5 फीसदी से 9 फीसदी तक वृद्धि की गई है।
