8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और क्या इससे सैलरी वाकई डबल हो पाएगी। महंगाई के मुकाबले मौजूदा वेतन को नाकाफी मानते हुए कर्मचारी ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। इसके अलावा और भी कई सवाल इस बहस के केंद्र में हैं। इन्हीं अहम सवालों-जवाबों को लेकर जनसत्ता की सहयोगी आयुषी मोदी के साथ बातचीत में ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉईज फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह से बातचीत की। आइए जानते हैं…

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यहां जानें 8वें वेतन आयोग से जुड़े जरूरी सवाल के जवाब

सवाल: सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार शायद ज्यादा फिटमेंट फैक्टर होगा जिससे उनकी इनकम डबल होने वाली है। इसको लेकर क्या कुछ चर्चाएं हैं?
जवाब: 10 साल हो गए हैं, अभी जो सैलरी-पेंशन है वह महंगाई के मुकाबले आज के जमाने के हिसाब से वह नाकाफी है। उनमें कहीं ना कहीं ग्रोथ की जरूरत है। अगर पिछले पे कमीशन को देखें तो पिछले पे कमीशन पर 2.57 का एवरेज फिटमेंट फैक्टर था। हालांकि वो 2.57 देखने में तो बहुत अच्छा लगता है। लेकिन उस समय डीए 123 से 125% था जब ये 2.57 आया था। तो 2.25 के आस-पास तो अप्रोक्समेट उसी के अंदर इनबिल्ट था।सरकार ने नहीं दिया।

सरकार ने15 से 25% के बीच ग्रोथ दी थी। हालांकि 6वें वेतन आयोग में हमें ठीक-ठाक ग्रोथ मिली थी। अगर हम मिनिमम फिटमेंट फैक्टर जो आएगा उसकी बात करें तो वो 2.13 मिनिमम है।

सवाल: मिनिमम सैलरी कहा पहुंचने वाली है?
जवाब: अगर हम हमारे सैलरी स्ट्रक्टर की बात करें तो हमारे पास गवर्नमेंट एम्प्लाइज के 18 लेवल है। लेवल वन में बेसिक सैलरी ₹18,000 है। और आज की डेट में तकरीबन तकरीबन 58% तो डियरनेस अलाउंस है। अगर हम उस कैंडिडेट की अगर हम सैलरी की बात करें कि वो मिनिमम कहां चला जाएगा तो मैं वो बता सकता हूं आपको कि कम से कम वो ₹38,340 मिनिमम पहुंचेगा।

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सवाल: अगर 2028 में आठवां वेतन आयोग आधिकारिक तौर से लागू हो जाता है और इस दौरान कोई ऐसा कर्मचारी है जो रिटायर हो जाता है। हम तो उनकी सैलरी फिर कैसे कैलकुलेट होगी?
जवाब: अगर 2025 के बाद कभी भी रिटायर होता है पे कमीशन आने से पहले और 2025 के बाद तो जिस दिन वो रिटायर हुआ है, उस दिन जब पे कमीशन आएगा। मान लीजिए 1 जनवरी 2028 को पे कमीशन आया उसने अपनी रिकमेंडेशन दे दी और उस आदमी की बेसिक सैलरी 50 हजार थी और फिटमेंट फैक्टर आया 2.0 तो उस दिन उसकी बेसिक सैलरी को 2.0 से मल्टीप्लाई किया जाएगा। वो उसकी सैलरी 1 लाख मानी जाएगी। फिर पेंशन पर जो एरियर बना उसको मिलेगा।

सवाल: टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) क्या है?
जवाब: टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) को एक तरह से शर्ते कह सकते हैं कि यह पे कमीशन किन-किन सब्जेक्ट पे काम करेगा। मान लीजिए कि जो 15 टीओआर है वह एक तरह से हमारा सब्जेक्ट हो गया। इन पर पे कमीशन काम करेगा। इसमें एचआरए, ट्रांसफर पॉलिसी, पेंशन स्कीम, सोशल सिक्योरिटी, रिटायरमेंट के बाद की कुछ चीजें, मेडिकल अलाउसेस और काफी सारे प्वाइंट्स इसमें शामिल है।