
हमारे जीवन में पूर्वनिर्धारित योजना के अनुसार, पहले से सोचे गए तरीकों के हिसाब से शायद ही कुछ होता हो।

हमारे जीवन में पूर्वनिर्धारित योजना के अनुसार, पहले से सोचे गए तरीकों के हिसाब से शायद ही कुछ होता हो।

जीवन में जब अपनी पहचान नहीं रह जाती, तो उसकी कमी पूरा करने के लिए उपभोगवादी व्यवस्था अनेक नकली विकल्प…


आज के दौर में जिसे देखो, वही दुखी, परेशान, हताश और उदास नजर आता है।

एसपी बालासुब्रह्मण्यम का जन्म नेल्लोर में हुआ था। कम उम्र में ही संगीत में उनकी रुचि विकसित हो गई और…

यात्रा अपने आप में केवल साधन नहीं होकर साध्य भी हो सकती है, बशर्ते उसी का आनंद उठाया जाए।

उद्घाटन सत्र में सदविद्या प्रतिष्ठानम (SVP) के संरक्षक आईएएस सी.वी गोपीनाथ ने संस्कृत भाषा के महत्व के बारे में बात…

भारतीय फिल्मों के प्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक मृणाल सेन को समांतर सिनेमा आंदोलन का अगुआ माना जाता है।

सुरंजना के हाथ में महेंद्र का परीक्षा परिणाम था। वह फेल होते-होते बचा था।

यह विशाल, अथाह और अद्भुत जीवन जो है, कहानी इसे विविधता का स्वरूप देती है। यह अपनी रचनात्मकता के सभी…


बचपन में ‘ब्रेड’ का मतलब रोटी पढ़ाया गया था। बाद में पता लगा कि वह ‘पावरोटी’ होना चाहिए था।