
आभार हमें आत्म-विकास के लिए प्रेरित करता है। जब हम अपने जीवन में मौजूद अच्छाइयों की कद्र करते हैं, तो…

आभार हमें आत्म-विकास के लिए प्रेरित करता है। जब हम अपने जीवन में मौजूद अच्छाइयों की कद्र करते हैं, तो…

भय हर स्थिति में उपस्थित होता है। अनिष्ट में वह हमेशा रहता है। विकट परिस्थितियों में भय की उपस्थिति महसूस…

हम सबने अपनी-अपनी वैकल्पिक दुनिया रच ली छोटे-छोटे घोंसलों में, लेकिन घोंसले बनाकर हम भूल गए कि कब, कहां, क्यों…

जब हम यह मान लेते हैं कि परिवर्तन की शुरुआत अपने भीतर से होनी चाहिए और समाज से पहले खुद…

समाज में आज भी ऐसे बहुत से लोग मिलते हैं, जो उच्च शिक्षित नहीं हैं, लेकिन अपने उच्च नैतिक मूल्यों…

जानकारी ही बचाव है। इस मसले पर बेहद संवेदनशील होकर जागरूकता अभियान चलाने की नितांत आवश्यकता है। हमें सामाजिक सरोकारों…

संवाद केवल शब्दों तक ही सीमित नहीं होता। एक मुस्कान, एक स्पर्श, एक सहमति में हिलाया गया सिर भी बहुत…

कई बार हम कुछ सीमाएं तय करते हैं, ताकि आत्मसम्मान की रक्षा कर सकें, लेकिन अक्सर लोग इसे अहंकार समझ…

पशु-पक्षी, पेड़-पौधे से लेकर इंसान तक सभी से प्यार करना कोई मुश्किल काम नहीं है, यह अभ्यास की बात है।…

उपहार देना तभी सार्थक होता है जब इसके साथ हमारी भावनाएं भी स्नेह से भरी और पवित्र हों। अगर हम…

संयुक्त परिवारों की वे जड़ें, जिनमें परिवार रूपी वट वृक्ष सांस लेता था, अब ‘फ्लैट संस्कृति’ में गमले के पौधे…

वृद्धों के अनुभवों का विशाल भंडार, जिसे कभी समाज की धरोहर माना जाता था, आज उनके ज्ञान को ‘पुरानी बातें’…