
शिवकुमार बटालवी की कई कविताओं का उपयोग हिंदी फिल्मों में भी हुआ है। फिल्म ‘लव आजकल’ के लिए संगीतकार प्रीतम…

शिवकुमार बटालवी की कई कविताओं का उपयोग हिंदी फिल्मों में भी हुआ है। फिल्म ‘लव आजकल’ के लिए संगीतकार प्रीतम…

कुछ समय पहले दिल्ली में करीब आधा किलोमीटर लंबी सड़क के किनारे कतार में अमलतास के नन्हे-पीले-सुनहरे फूल शोभायमान दिखे।

दुख और सुख के झूले झूलते इस संसार में हर व्यक्ति किसी न किसी दुख से दुखी है।

वर्तमान समय में हमारे चारों तरफ का परिदृश्य एकदम बदल-सा गया है।


सांसारिक सुविधाओं का अभाव इतना बड़ा कारण नहीं कि जिसके लिए दुखी हुआ जाए।

1948 में वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया और अच्युत पटवर्द्धन के साथ सोशलिस्ट पार्टी से जुड़ गईं।

अपनी ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक महत्त्व की विरासत को सहेजने के मामले में हम कहां हैं, इसका जवाब हमें अपने आसपास…

बुद्ध के विचारों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा 17 जुलाई से 13 नवंबर 2023 तक न्यूयार्क…

रविवारी शख्सियत: हिंदी सिनेमा के बेमिसाल अभिनेता संजीव कुमार उर्फ हरिभाई

