
प्रकृति प्रदत्त ज्ञानेंद्रियों और मनुष्य की सृजनात्मक और विध्वंसात्मक प्रवृत्तियों की निरंतर जुगलबंदी ने आज की दुनिया को एक ऐसे…

प्रकृति प्रदत्त ज्ञानेंद्रियों और मनुष्य की सृजनात्मक और विध्वंसात्मक प्रवृत्तियों की निरंतर जुगलबंदी ने आज की दुनिया को एक ऐसे…

कई अभिभावक अपने किशोर होते बच्चे से यह कहते हुए मिल जाते हैं कि बेटा तुम किसी पर भरोसा न…

आदर्श स्थिति यह है कि हमारे दुख के पलों में हमारे दोस्त हमें कमजोर न महसूस होने दें, लेकिन खुद…

चिकित्सा विज्ञान फिलहाल ऐसे रसायन नहीं बना सका है, जिनसे इनका शत-प्रतिशत इलाज हो सके। हालांकि शरीर में समूची समझ…

आज जब हमारे पास विकल्पों की भरमार है, यह सचमुच चुनौतीपूर्ण हो जाता है कि हम किसी एक दिशा में…

अगर किसी व्यक्ति का स्वभाव झगड़ालू है, तो आमतौर पर सब लोग उससे दूरी बनाकर चलते हैं। अगर वह व्यक्ति…

किसी दिन हम यह पता लगा लेंगे कि अपनी समस्याओं को कैसे हल करना है और आखिरकार उस स्थान पर…

भविष्य में जीवन को श्रेष्ठ और सुंदर कैसे बनाया जाए, यह हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा में छिपा हुआ है। नई…

कभी-कभी ऊब महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन जब यह स्थायी मनोदशा बन जाए तो चिंताजनक है। ऊबना नकारात्मक विचारों की…

परिस्थितियां एक समान नहीं होतीं और न ही जैसा हम सोचते हैं, वैसी ही होगी। संकटकालीन परिस्थितियों में अपनों का…

रचनात्मक होना हमारे भीतर हमेशा ही रहता है, बस उसके सामने का दरवाजा जो होता है, वह बंद रहता है।…

आज की इस भौतिक दुनिया में सब इतने अकेले और परेशान हैं कि कोई किसी को स्वीकार नहीं करना चाहता।…