
सुखद और दुखद यादों का संतुलन हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है। अगर हम केवल सुखद यादों पर ध्यान…

सुखद और दुखद यादों का संतुलन हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है। अगर हम केवल सुखद यादों पर ध्यान…

जब कोई अमीर व्यक्ति गरीब की मुस्कान को आदर्श बनाकर यह कहता है कि ‘खुशी साधनों में नहीं होती’, तो…

नदियां अपना पानी स्वयं नहीं पीतीं, पेड़ अपने फल नहीं खाते और सूरज खुद को रोशन नहीं करता। यानी दूसरों…

मनुष्य का संबंध सिर्फ मनुष्य से ही नहीं होता, बल्कि स्वयं से, विचारों, वातावरण, प्रकृति, जीव-जंतु आदि से जुड़ना भी…

समय वही दिखाता है जो हम हैं। समय को दोष देना छोड़कर अगर हम हर दिन को अवसर की तरह…

जितने भी अध्यापक या शिक्षा प्रशासन के लोग हैं, उन्हें नियमित रूप से विद्यालय में आनंदमय वातावरण बनाना चाहिए। अगर…

असफलता के बाद उठ खड़े होने की कला ही मनुष्य को महान बनाती है। जो लोग शोक-अवधि को संक्षिप्त रखते…

बाजारवाद ने हमें बहुत अधिक पराश्रित कर दिया है। दिखावे की हैसियत के मारे हम लोग दूसरों पर इतने निर्भर…

जब हम सहानुभूति के साथ दूसरों की पीड़ा और आनंद को साझा करते हैं, तो हमारे भीतर भी सुख और…

मुश्किल यह है कि समाज का जो तबका उपेक्षित बच्चों के लिए कुछ कर सकने की स्थिति में है, वह…

अगर यह मान भी लिया जाए कि होनी होकर रहती है, तो अनहोनी को टालने का प्रयास अवश्य होना चाहिए।…

शब्दों ने किसी को अगर कुछ नैतिक बल दिया है तो बहुत कुछ लिया भी है। हम आए दिन देखते…