Duniya Mere Aage
दुनिया मेरे आगे: जीवन का एक सुगंधित फूल है मजाक, वातावरण में फैलाता है अपनापन और मुस्कान

सच्ची खुशी तब मिलती है जब हमारे शब्द किसी के दिल को सुकून दें या हमारी उपस्थिति किसी के दर्द…

Duniya Mere Aage, दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे: पसंद और नापसंद की होड़ से परे है मानव जीवन, योग का उद्देश्य केवल शरीर की चपलता या सांस की लय नहीं

पसंद-नापसंद से मुक्त होकर जीना आसान नहीं, पर असंभव भी नहीं। यह एक साधना है, अपने भीतर झांकने की, अपनी…

Dunia Mere Aage, Jansatta Online
दुनिया मेरे आगे: किसी प्रयोगशाला के प्रयोग की तरह है जीवन का प्रत्येक पहलू, भागदौड़ में भी अपने लिए निकालें कुछ समय

अपने जीवन के पहलुओं और उनके सच्चे अर्थ से तभी परिचित हुआ जा सकता है, जब हम उन्हें सहज भाव…

duniya mere aage
दुनिया मेरे आगे: जिंदगी को एक मजेदार सैर की तरह लेते हुए हर मोड़ का उठाना चाहिए आनंद, अचानक ही हमें जीत का ताज पहना देता है जीवन

हम हार मानकर सो जाते हैं और सोचते हैं कि अब कुछ नहीं बचा। लेकिन तभी, जैसे कोई चमत्कार हो,…

Duniya mere aage
दुनिया मेरे आगे: खुद से प्रतिस्पर्धा करने का मतलब है कि हर दिन हमें अपने पिछले दिन से बेहतर बनना, सोशल मीडिया की दुनिया में रचा जाता है संजाल

हमारे जीवन में सबसे बड़ी जीत तब होती है, जब हम खुद को जीत लेते हैं। खुद से हार जाना…

Duniya Mere Aage, दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे: राजनीति कभी मानी जाती थी लोकसेवा का माध्यम, शिक्षा का उद्देश्य केवल रोटी-रोजगार की गारंटी भर नहीं

संस्कृति केवल नृत्य, संगीत या परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। जब संस्कृति टूटती है तो…

Duniya Mere Aage
दुनिया मेरे आगे: पाठ्यक्रम की राजनीति में कहीं खो गया हमारा कौशल, पढ़ाई छोड़ने की भी आ जाती है नौबत

कई मर्तबा जब कौशल की बात की जाती है या किसी व्यावसायिक शिक्षा की बात होती है तो हमारे पाठ्यक्रम…

Dunia Mere Aage, Jansatta Online
दुनिया मेरे आगे: अब फिल्टर लगाकर सोशल मीडिया पर चिपकाई जाती है चेहरे की मुस्कान, बिना किसी उपलब्धि के भी खुश रहना एक कला

हमने बच्चों से ‘अच्छा’ बनना तो मांगा, लेकिन उन्हें यह कभी नहीं बताया कि अच्छा दिखने की नहीं, अच्छा महसूस…

duniya mere aage
दुनिया मेरे आगे: सोशल मीडिया के युग में बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया दे देते हैं लोग, छोटी घटनाओं पर हिंसा और विवाद इसी असंयम का परिणाम

संयम का अर्थ जीवन को सीमाओं में बांधना नहीं, बल्कि उसे सशक्त और उद्देश्यपूर्ण बनाना है। जिस प्रकार वाद्ययंत्र की…

Duniya mere aage
दुनिया मेरे आगे: रिश्तों को संभालने के लिए केवल भावनाओं से नहीं समझदारी भी है आवश्यक, रिश्तों में प्रेम के नाम पर निजता में नहीं होनी चाहिए दखलअंदाजी

रिश्तों को समझने के लिए सबसे सुंदर उदाहरण हमें प्रकृति से मिलता है पौधों का। हम सभी जानते हैं कि…

Duniya Mere Aage, दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे: उपवास और विश्वास की शक्ति, इस अनमोल खजाने की सुरक्षा बहुत ही ध्यानपूर्वक जरूरी

विश्वास इतना शक्तिशाली होता है कि इंसान उसके भरोसे ऊंचे पहाड़ की चढ़ाई भी कर लेता है। विश्वास न रहे…

Duniya Mere Aage
दुनिया मेरे आगे: हर शहर की अपनी होती है अलग तासीर, हमारे भीतर की संवदेना से जुड़ जाते हैं इसके तार

अपना शहर छोड़ना एक त्रासद स्थिति है। पर दूसरा शहर चुनौतियों के साथ हमें बुलाता रहता है। अपने शहर में…

अपडेट