Duniya mere aage, opinion,
दुनिया मेरे आगे: त्याग के बदलते अर्थ और रिश्तों की नई परिभाषा

वियोग का उत्सव मनाने की तरह है, जिसमें आने वाले समय में मनचाही स्वतंत्रता के साथ, अकेले या किसी के…

Women Empowerment in India
सुविधा की खामोशी: महिला अपराधों पर समाज का दोहरा रवैया और चुनिंदा आक्रोश

Women Empowerment in India: पूरी महिला बिरादरी इसके लपेटे में आई और गाहे-बगाहे उन्हें तीखी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।…

Market Trap | jansatta epaper | latest news
दुनिया मेरे आगे: बाजारवाद की गिरफ्त में इंसान, क्या हम सिर्फ एक ‘उपभोक्ता’ रह गए हैं?

Jansatta Epaper: बाजार यही बात सीधे-सीधे नहीं कहता, क्योंकि सीधे कहने से उसका काम नहीं चलता। वह मनुष्य को झूठे…

aadivasi | duniya mere aage
सहानुभूति तक सीमित हो गई संवेदना, ठहर गया है सामाजिक आचरण

आदिवासी समाज इसका सबसे बेहतर उदाहरण है। भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6 फीसद हिस्सा अनुसूचित जनजातियों का है,…

Success, अस्वीकृति का प्रभाव, अस्वीकृति का दर्द, आत्मसम्मान और अस्वीकार
दुनिया मेरे आगे: अस्वीकृति के मायने, ‘नहीं’ वास्तव में किसी और चीज के लिए ‘हां’ है

अस्वीकृति के बोझ तले हम दब गए हैं। शुरुआत में अस्वीकृतियां चुभती-सी महसूस होती हैं। ऐसा लगता है कि सिर्फ…

प्रायश्चित, प्रायश्चित का महत्व, जीवन में प्रायश्चित
दुनिया मेरे आगे: प्रायश्चित वक्त का मोहताज नहीं, कल की गलती को आज का सबक बनाता है

पश्चाताप एक पवित्र मानवीय भावना है और इसका एक क्रियात्मक पक्ष है। इसको गलती सुधारने और अपना जीवन पक्ष मजबूत…

Forgiveness Quotes , Dignity, Opinion
दुनिया मेरे आगे: क्षमा वहीं तक उचित है, जहां हमारी गरिमा सुरक्षित रहे

जब कार्यस्थल पर हमारी मेहनत को बार-बार नजरअंदाज किया जाता है, हमारी योग्यता को महत्त्व नहीं दिया जाता या हमारा…

What is Communication, types of communication, communication example
दुनिया मेरे आगे: संवाद का सौंदर्यबोध! स्वस्थ संवाद कभी नुकसानदायक नहीं होता, कभी-कभी भ्रम का निवारण कर देता है

असहमतियों पर भी स्वस्थ संवाद संभव है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में भिन्न-भिन्न विचार होते हैं, उसकी कार्यशैली, प्रतिभा…

Education, Culture, Duniya mera aage
दुनिया मेरे आगे: शिक्षा और संस्कृति, नई शिक्षा नीति केवल पाठ्यक्रम निर्धारण का केंद्र बनकर रह गई

शिक्षा तभी सार्थक होगी, जब वह व्यक्ति को केवल रोजगार योग्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, रचनात्मक और सामाजिक मूल्यों से परिपूर्ण…

Duniya Mere Aage, दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे: विवाद की स्थिति में धैर्य और मौन को बनाएं अपनी ढाल, शांत रहकर परिस्थिति को समझना जीवन की सबसे बड़ी कला

शांत रहकर परिस्थिति को समझना और सही समय पर निर्णय लेना जीवन की सबसे बड़ी कला है। यह न केवल…

अपडेट