नोटबंदी पर विरोध के साथ शुरु हुआ संसद का शीतकालीन सत्र; फैसले के बचाव में उतरी बीजेपी

500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों पर बैन लगने पर विपक्षी पार्टियों के भारी विरोध के साथ संसद का शीत सत्र शुरु हो चुका है। राज्यसभा में बोलते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पैसे बदलवाने और जमा करवाने के लिए लाइनों में लगे लोगों का मज़ाक उड़ाने के िलए उनसे माफी मांगने की मांग की। शर्मा ने यह भी मांग की कि स्विस

बैंक अथॉरिटीज़ द्वारा जारी किए गए ब्लैक मनी होल्डर्स की लिस्ट में शामिल नामों को उजागर किया जाए। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा पीएम मोदी से हाउस डिबेट में हिस्से लें। और साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नोटबंदी के फैसले के खिलाफ नहीं है, लेकिन वह सिर्फ इसे लागू करने के तरीके का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने राष्ट्रपति भवन तक एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से इस मुद्दे पर दखल देने को कहा। शिव सेना और नेश्नल कांफ्रेस के नेता भी इस मुद्दे पर अपनी असहमति जताते हुए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने राज्यसभा में आनंद शर्मा के बयान का जवाब दिया और कहा कि इस देश के लोग मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार हैं क्योंकि उनके प्रधानमंत्री काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।

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