Donald Trump का बोर्ड ऑफ पीस क्या है ? इससे भारत, चीन और रूस ने क्यों बनाई है दूरी, जानें वजह

Donald Trump Board Of Peace: दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से वो 8 युद्ध रोकने का दावा कर रहे हैं। इसी आधार पर वो नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर रहे थे। लेकिन उन्हें नहीं मिला, इससे काफी गुस्सा भी हुए थे, लेकिन अब लग रहा है ट्रंप साल 2026 नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अभी से काम करना शुरु कर दिए हैं। क्या यही वजह है कि उन्होंने "बोर्ड ऑफ पीस" की स्थापना की है? या फिर कुछ और वजह है, तो आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में 'बोर्ड ऑफ पीस' का हिस्सा कौन-कौन से देश हैं ? साथ ही इसका मकसद क्या है ? और भारत इसका हिस्सा क्यों नहीं बना है?

Donald Trump Board Of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों दुनियाभर में शांति बहाल करने के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।लेकिन सच पूरी दुनिया को पता है। गाजा में जो हो रहा है और बीते दिनों वेनेजुएला में जो हुआ। वो कभी शांति का मार्ग तो नहीं हो सकता। तो वहीं ट्रंप  के लाख कोशिश के बावजूद रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग रोकने में पूरी तरह फेल साबित

हुए है। अब आखिर बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना कर ट्रंप क्या करना चाहते हैं ?

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