Vinesh Phogat retirement: जादूगरों की कहानियों से भरा ये देश, काश वक्त के थामने का जादू रखता…तो शायद भारत का सपना न टूटता…सपनों के लिए लड़ना…पूरा होने के दहलीज पर उसका टूट जाना कितना पीड़ादायक है…इसका एहसास 7 अगस्त से विनेश फोगाट समेत पूरा भारत कर रहा है… शायद दर्द मापने की कोई मशीन होती तो…इस दर्द को वो भी नहीं माप पाती… इस दर्द की कराह हर भारतीय महसूस
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