सुप्रीम कोर्ट ने मुहम्मद शहाबुद्दीन की ज़मानत को रद्द किया; पुलिस को फिर से शहाबुद्दीन को गिरफ्तार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार के बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन की ज़मानत रद्द कर दी है और उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा है। दरअसल हत्या के मामले में पटना हाई कोर्ट ने 7 सितंबर को शहाबुद्दीन को ज़मानत दे दी थी। जिसके बाद मृतक के पिता ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उनकी अपील के बाद बिहार सरकार ने भी शहाबुद्दीन की ज़मानत रद्द करने की सुप्रीम

कोर्ट में अपील की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शहाबुद्दीन को हिरासत में लेकर वापिस जेल भेजने और निचली अदालत को जल्द से जल्द ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद शहाबुद्दीन को 10 सितंबर को ज़मानत पर जेल से रिहा कर दिया गया। शहाबुद्दीन 11 साल बाद जेल से बाहर आया था। शहाबुद्दीन को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी माना जाता है। 1990 में शहाबुद्दीन ने लालू प्रसाद यादव की सरपरस्ती में राजनीति में कदम रखा था। शहाबुद्दीन ने 2004 का चुनाव जीतने तक जनता दल और आरजेडी का चार बार प्रतिनिधित्व किया। 2007 में हत्या के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद शहाबुद्दीन को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया जिसके बाद उसका राजनीतिक रसूख कम होने लगा।

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