सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोटबंदी पर अपने अंतरिम आदेश में केंद्र सरकार के फैसले में यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से मना कर दिया कि “ये राजकोषीय नीतियों के मामले हैं”। साथ ही कोर्ट ने नोटंबदी पर देशभर में दर्ज मुकद्दमों की सुनवाई पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट से कहा है कि इस मसले पर दर्ज नए मुकद्दमों पर सुनवाई न करें और साथ
ही कोर्ट ने अब तक दर्ज मामलों को अपने पास ट्रांसफर करने की केंद्र की मांग पर नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार को एक बेहतर जज बताते हुए 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों के इस्तेमाल की अवधि को बढ़ाने से भी इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार पूरी कोशिश करे कि वह हर व्यक्ति द्वारा एक हफ्ते में 24000 रुपए निकालने के वायदे को पूरा करे। कोर्ट ने माना है कि सरकार लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उन्हें दूर करने के लिए पूरी ज़िम्मेदारी से काम किया जा रहा है। वहीं गुरुवार को नोटबंदी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि देशभर में नकदी की दिक्कत चल रही है तो कुछ लोगों के पास इतनी बड़ी मात्रा में नई करंसी कैसे आ रही है।
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