नोटबंदी: सुप्रीम कोर्ट ने बताया गंभीर समस्या; कोलकाता हाई कोर्ट ने बिना सोचा समझा फैसला करार दिया

देश में नोटबंदी को लेकर पैदा हुए हालातों पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट और कोलकाता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जहां एक और सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को एक गंभीर समस्या करार दिया वहीं कोलकाता हाईकोर्ट ने इसे बिना सोचा समझा फैसला बताया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए इस पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि लोग इस मामले को लेकर

हाईकोर्ट जा रहे हैं। जिससे पता चलता है कि यह मामला काफी गंभीर है। अलग-अलग हाई कोर्टों में चल रहे नोटबंदी के मामलों की सुनवाई पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन मामलों को ट्रांसफर करवाने के लिए ट्रांसफर पेटिशन दाखिल करनी होगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि स्थिति गंभीर है, ऐसे हालात में गलियों में दंगे भी हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आपने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद किया है, लेकिन 100 रुपए के नोट का क्या हुआ। वहीं कोर्ट ने ये भी पूछा कि पिछली बार आपने कहा था कि आप जनता को राहत देने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन आपने तो रकम को घटाकर 2000 रुपए कर दिया है, समस्या क्या है। क्या यह प्रिंटिंग से जुड़ी दिक्कत है। वहीं दूसरी ओर कोलकाता हाईकोर्ट ने नोटबंदी पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार रोज़ इस मामले में लिए गए फैसलों को बदल रही है जो कि ठीक नहीं है। नोटबंदी के 10वें दिन भी देश में हालात जस के तस हैं। बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी लाइनों में लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं अपने बेटे की बिमारी का ज़िक्र करते हुए जज ने कहा कि मेरे बेटे को डेंगू है, लेकिन अस्पताल वाले कैश नहीं ले रहे हैं। साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी के फैसले को लागू करते वक्त सरकार ने अपने दिमाग का सही इस्तेमाल नहीं किया।

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