Sheikh Hasina को बांग्लादेश सौंपने में भारत को भुगतने पड़ेंगे खामियाजे !

Sheikh Hasina News: बांग्लादेश में शेख़ हसीना को 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई। हसीना, जो दिल्ली में निर्वासित हैं, ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में इसे “कंगारू कोर्ट” का “पूर्वनिर्धारित नाटक” बताया और सभी आरोपों से इनकार किया। अदालत ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को भी फाँसी की सजा दी, जबकि पूर्व IG चौधरी अब्दुल्ला

अल-मामून को 5 साल की जेल। फैसले के बाद देशभर में तनाव चरम पर: 24 घंटों में 1,649 गिरफ्तारियाँ, 40 गाड़ियाँ जलाईं, कॉकटेल बम फोड़े, धनमंडी 32 में 50 घायल। पुलिस ने 10 हथियार, 30.5 किलो बारूद बरामद किए और अवामी लीग के 5 नेताओं को पकड़ा।संयुक्त राष्ट्र ने मुकदमे को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा न ठहराया, मौत की सजा का विरोध किया, लेकिन दमन के पीड़ितों के लिए “अहम पल” कहा। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे “न्यायसंगत नहीं” बताया। भारत के लिए चुनौती: बांग्लादेश प्रत्यर्पण मांग रहा है, लेकिन विश्लेषक डॉ. संजय भारद्वाज कहते हैं – राजनीतिक बदले की कार्रवाई होने पर भारत इनकार करेगा। हसीना की भारत में मौजूदगी द्विपक्षीय रिश्तों में जटिलता पैदा कर रही है। ICT, जो 2010 में हसीना सरकार ने बनाया था, अब अंतरिम सरकार के हाथों उसी पर मुकदमा चला रही है। सुलह ही रास्ता, UN ने सुझाया।

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