आतंकवाद का मुद्दा उठाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अकेला करने की भारत की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है। भारत के करीबी मित्र देश रूस ने चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट का मज़बूती से समर्थन किया है। हालांकि पहले रूस ने इस प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की दिलचस्पी दिखाने से इंकार कर दिया था लेकिन अब रूस ने इसका समर्थन किया। इतना ही नहीं रूस ने चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक
कॉरिडोर को यूरेशियन इकनॉमिक यूनियन प्रोजेक्ट के साथ लिंक करने की अपनी मंशा भी ज़ाहिर की है। ये कॉरिडोर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगिट-बालिस्तान इलाके से गुज़रता है, जहां दशकों से लगातार अलगाववादी आंदोलन चल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इससे भारत और रूस के संबंधों पर असर पड़ेगा और अविश्वास की भावना पैदा होगी। वहीं सामरिक मामलों के एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी ने कहा कि रूस के इस कदम से लगता है कि वह अब भारत को एक विश्वसनीय दोस्त या भागीदार के रूप में नहीं देखता।
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