क्रैश टेस्ट में रेनॉ क्विड लगातार दूसरी बार फेल, होंडा मोबिलियो के बेस वेरिएंट को ज़ीरो नंबर

[jwplayer CXqj2Zn2]

भारत में बनने वाली कारों की सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल अभी भी बरकरार है। कारों की सुरक्षा जांचने वाली वैश्विक संस्था एनसीएपी के भारतीय कारों के चौथे राउंड के क्रैश टेस्ट में रेनॉ क्विड और होंडा मोबिलियो फेल रही। हालांकि पिछली बार की तुलना में इस बार थोड़ा सुधार देखने को मिला। क्विड को एक स्टार मिला है जबकि मोबिलियो के बेस वेरिएंट को ज़ीरो और एयरबैग्स वाले वेरियंट को तीन स्टार मिले हैं। इस साल मई महीने में भी क्विड क्रैश टेस्ट में फेल रही थी। उस समय इसे बनाने वाली कंपनी रेनॉ ने कहा था कि वे कार के स्ट्रकचर पर फिर से सुधार करेंगे। ये सुधार ड्राइवर एयरबैग और सीटबैल्ट के चलते हुआ। टेस्ट के अनुसार कार में छाती को अभी भी नुकसान पहुंचता है। होंडा मोबिलियो का बेस वेरिएंट पूरी तरह से इस टेस्ट में नाकाम रहा। इसके अनुसार कार का स्ट्रक्चर स्थाई है लेकिन एयरबैग की कमी के चलते इसे ज़ीरो स्टार मिला। ग्लोबल एनसीएपी ने भारत में सुरक्षित कारों के लिए अभियान साल 2013 में शुरु किया था। इस साल मई में महिंद्रा स्कॉर्पियो, मारुति सुज़ुकी ईको और और सेलेरियो, ह्यूंडई ईऑन और रेनॉ क्विड का टेस्ट किया गया था।

और पढ़ें