Prashant kishor: कभी संभाली थी नरेन्द्र मोदी की चुनावी रणनीति, अब सोनिया गांधी की कितनी मदद कर पाएंगे प्रशांत किशोर?

मोदी पीएम बनें तो लगा कि पीके और बीजेपी का रिश्ता और गहरा होगा…मगर हुआ इसके ठीक उल्टा…मोदी और पीके में दूरियां आईं और पीके जा पहुंचे नीतिश कुमार के पाले में…जो उस वक्त तक मोदी के घोर विरोधी माने जाते थे…2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में मोदी लहर से निपटने की कठिन चुनौती पीके के सामने थी…और एक बार फिर उन्होंने इतिहास रचने का काम किया…