ओम पुरी का टीवी से लेकर फिल्मों तक का सफर

1976 में मराठी फिल्म घासीराम कोतवाल से अपने करियर की शुरुआत की। 1980 में, आक्रोश के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। 1982 में, आरोहण में अपनी भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। 1983 में, अर्ध सत्य के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए अपना दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। 1982 में गांधी जैसी अत्यधिक प्रशंसित फिल्मों में महत्वपूर्ण कैमियो किए। कई ब्रिटिश और

हॉलीवुड फिल्मों में अभिनय करने वाले प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय अभिनेता बने। 1999 में आई कन्नड़ फिल्म ए.के. 47 में एक सख्त पुलिस अधिकारी की उनकी भूमिका यादगार बन गई। चाची 420, हेरा फेरी, मालामाल वीकली में अपनी हास्य भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। फिल्मों के अलावा, काकाजी कहें(1998), श्री योगी(1989), तमस(1987) जैसी विभिन्न टीवी श्रृंख्लाओं में अभिनय किया। 1990 में पद्म श्री प्राप्त हुआ और 2004 में ब्रिटिश एम्पायर(OBI) का मानद अधिकारी बनाया गया।

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