मुंबई के नरीमन हाउस में विक्की कौशल की मुलाकात 26/11 हमले में शहीद हुए एनएसजी कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह बिष्ट की बेटी प्रीति बिष्ट से हुई। उस वक्त प्रीति सिर्फ 9 साल की थीं जब उनके पिता ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। आज पहली बार प्रीति उस जगह आईं जहाँ उनके पापा ने आखिरी साँस ली। विक्की उन्हें वो छत दिखाते हैं जहाँ हेलिकॉप्टर से उतरकर
उनके पिता ने ऑपरेशन शुरू किया था। प्रीति भावुक होकर भी मजबूत दिखीं और बोलीं कि पापा की शहादत उन्हें हमेशा प्रेरित करती है। वे खुद सीडीएस की कोचिंग ले रही हैं, एनसीसी जॉइन कर चुकी हैं और अंडर ऑफिसर बन गई हैं। उनका सपना है कि वे भी फौजी बनें। प्रीति ने अपनी माँ को अपनी हिम्मत का सबसे बड़ा श्रेय दिया। विक्की ने माँ का वो कथन दोहराया जो आज भी दिल को छू लेता है: “जब मेरे पति बेरे और बेल्ट पहनते थे, तब वे मेरे नहीं, देश के हो जाते थे।” यह मुलाकात शहादत, माँ की ताकत और बेटी के जज्बे की अनमोल कहानी बन गई।
… और पढ़ें