मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का फैसला किया है। जिससे कालेधन और भ्रष्टाचार पर तो रोक लगेगी, लेकिन इस फैसले ने आम जनता की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। एक महिला की अंत्योष्टि नहीं हो पाई क्योंकि उस मृतक महिला के परिवार पास 500 और 1000 रुपए के छुट्टे नहीं थे। आइए नज़र डालते हैं इस रिपोर्ट पर।
मामला मध्य प्रदेश (बुंदेलखंड) छतरपुर जिले का है जहाँ शहर सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के मातवान मोहल्ला वार्ड नंबर 3 में 70 वर्षीय महिला राजबाई पति मथुरा प्रसाद अहिरवार की देर रात बीमारी के चलते मौत हो गई है। जहाँ अब उस महिला की अंत्योष्टि नहीं हो पा रही है। अंत्योष्टि न होने की मुख्य वजह 1000 और 500 के नोटों का न चलना बताया जा रहा है।
मृतक के परिजनों नातिन अनुराधा और बेटा कैलाश की मानें तो घर में 100 के नोट महज 2-4 ही थे बाकी 500 और 1000 के हैं। जब वह अंत्योष्टि का सामान लेने बाजार गए तो दुकानदारों ने 1000 और 500 के नोटों को लेने से मना कर दिया है। जिसके कारण वह खरीददारी नहीं कर पाये और उन्हें खाली हाथ घर वापिस लौटना पड़ा। वहीँ अब वह मोहल्लेवालो, और रिश्तेदारों, परिचितों से 100 और 50 के नोट एकत्रित कर रहे हैं जिससे कि वह वह बाजार में जाकर सामन लेकर आएंगे तब कहीं अंत्योष्टि हो सकेगी।
वहीँ गांधी चौक बाजार मेंन मार्केट रामगली बजरिया स्थित व्यापारी राजीव मातेले कहना है कि उन लोगों ने आज सुबह से ही 1000 और 500 के नोट लेना बंद कर दिये हैं। जिससे ग्राहक और व्यापारी दोनों परेशान हैं और मार्केट में भी मंदी छाई हुई है।
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