कश्मीरी पंडितों का जिक्र आते ही घाटी से पलायन की यादें ताजा हो जाती हैं।दौर में कुछ परिवार ऐसे भी रहे,जो कश्मीर छोड़कर नहीं गए।उन्होंने अपने घरों में ही रहना पसंद किया.जिन कश्मीरियों ने अपना घर नहीं छोड़ा,उनमें से एक रानीपोरा गांव के लोग भी शामिल हैं
