पठानकोट हमले के मास्टर माइंड मसूद अज़हर को इंटरनेशनल आतंकियों की लिस्ट में डालने और संयुक्त राष्ट्र में अज़हर पर प्रतिबंध लगाने में हो रही देरी पर भारत ने एतराज़ जताया है। यूनाइटेड नेशन सिक्युरिटी काउंसिल की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सईद अकबरुद्दीन ने कहा कि जो संगठन पहले से ही आतंकी लिस्ट में हैं, उसके लीडर्स को आतंकवादी घोषित करने में 9 महीने का
वक्त क्यों लग रहा है। भारत का यह कड़ा ऐतराज़ मसूद अज़हर पर प्रतिबंध लगाने की उसकी कोशिश को तकनीकी आधार पर खटाई में डालने के बाद सामने आया। अकबरुद्दीन ने सुरक्षा परिषद के समतामूलक प्रतिनिधित्व और सदस्यता में वृद्धि पर आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जहां हर दिन इस या उस क्षेत्र में आतंकवादी हमारी सामूहिक अंतरात्मा आहत करते हैं, सुरक्षा परिषद ने इस पर विचार करने में 9 महीने लगाए कि क्या अपने ही हाथों आतंकवादी इकाई करार दिए गए संगठनों के नेताओं पर प्रतिबंध लगाए जाए या नहीं। आपको बता दें कि 31 मार्च 2016 में भारत ने मसूद अज़हर को आतंकी घोषित करने की मांग के साथ संयुक्त राष्ट्र में एक अर्ज़ी दायर की थी। लेकिन UNSC के स्थायी सदस्य चीन ने इस पर दो बार असहमति जताई थी। चीन ने इस मामले में तीन महीने का वक्त मांगा है।
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