भारत में प्रदूषण से हर साल 17 लाख मौतें, गीता गोपीनाथन ने पत्रकार से क्या-क्या कहा?

यह आर्थिक गतिविधि को सीधे प्रभावित करता है और जीडीपी पर सालाना भारी बोझ डालता है—न सिर्फ आर्थिक नुकसान, बल्कि जीवन की हानि से भी। भारत को डिरेगुलेशन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण पर मजबूत कदम उठाने चाहिए, ताकि विकास टिकाऊ रहे। यह मुद्दा अब सिर्फ पर्यावरण का नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और जनता की सेहत का प्रमुख खतरा है। देखिये ट्विटर पर क्यों वायरल है ये वीडियो

India Pollution Deaths: गीता गोपीनाथ भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पहली उप-प्रबंध निदेशक (First Deputy Managing Director) हैं उन्होंने जोर दिया कि प्रदूषण को युद्ध स्तर पर संबोधित करना चाहिए, इसे टॉप नेशनल मिशन बनाना होगा।

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