मोदी के नोटबंदी का असर, 7.1% रही सालाना विकास दर

देश की जीडीपी की वृद्धि दर 2016-17 में घटकर 7.1 प्रतिशत पर आ गई है। कृषि क्षेत्र के काफी अच्छे प्रदर्शन के बावजूद वृद्धि दर नीचे आई है। सरकार ने 500 और 1,000 के बड़े मूल्य के पहले से चल रहे नोटों को आठ नवंबर को बंद करने की घोषणा की थी। इस नोट बदलने के काम में 87 प्रतिशत नकद नोट चलन से बाहर हो गए थे। नोटबंदी के

कारण देश की जीडीपी दर जनवरी- मार्च तिमाही में 6.1 फीसदी रही। इससे पूरे वित्त वर्ष में वृद्धि दर तीन साल के सबसे निचले स्तर 7.1 फीसदी पर आ गयीयह आंकड़ा ऐसे समय आया है जब मोदी सरकार तीन साल पूरा होने का जश्न मना रही है। वित्त वर्ष 2015-16 में देश की जीडीपी 8 फीसदी और इससे पहले वित्त वर्ष में 7.5 फीसदी रही थी। कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद 2016-17 में वृद्धि दर कम हुई है। चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2017 की जनवरी-मार्च तिमाही में 6.9 फीसदी रही। भारत ने पहली बार 2015 में जीडीपी वृद्धि के मामले में चीन को पीछे छोड़ा था।

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