अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2016: जानिए कैसे चुना जाता है दुनिया के सबसे ताकतवर देश का नेता

करीब 12 करोड़ अमेरिकी 8 नवंबर को संयुक्त राज्‍य अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोट करेंगे। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप के बीच काफी करीबी टक्कर है।

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हर चार साल बाद होते हैं। अमेरीका के नागरिक अपने राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए सीधे वोट नहीं करते। बल्कि संयुक्त राज्‍य अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव एक जटिल प्रक्रिया से किया जाता है, जिसे कि इलेक्‍टोरल कॉलेज कहते हैं।

इलेक्टरल कॉलेज कैसे काम करता है?
अमेरीकी मतदाता जब 8 नवंबर को वोट डालेंगे तो वे वास्तव में अपने राज्य के इलेक्टर्स का चुनाव करते हैं जो कि सीधे तौर पर राष्ट्रपति के लिए मतदान करेंगे। 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में से 538 इलेक्टर्स चुने जाएंगे। ये 538 इलेक्टर्स दिसंबर के मध्य में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। जीतने के लिए, एक उम्मीदवार को कम से कम 270 वोटों की ज़रूरत होती है जो कि 538 चुनावी वोटों की संख्या के आधे से भी ज़्यादा है।

इलेक्टर्स कौन होते हैं?
राजनीतिक पार्टियां हर राज्य में अपने इलेक्टर्स के चुनाव के लिए या तो उन्होंने मनोनीत करती हैं या फिर उन्हें वोट देती हैं। इलेक्टर्स राज्य के निर्वाचित अधिकारी, राज्य पार्टी के नेता या राज्य में वो लोग होते हैं, जिनका अपनी पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के साथ व्यक्तिगत या राजनीति संबंध होता है। कोई सीनेटर या रिप्रेज़ेंटेटिव, या वह व्यक्ति जो अमेरिका में विश्‍वास या लाभ के पद पर है, इलेक्‍टर नहीं नियुक्‍त किया जा सकता।

538 इलेक्टर्स ही क्यों?
प्रत्येक राज्य में, चुनावी वोटों का आवंटन जनगणना के आधार पर किया जाता है। ये प्रत्येक राज्य की जनसंख्या के अनुपात में होता है। इलेक्टर्स की संख्या का निर्धारण इस आधार पर किया जाता है कि उस राज्य में हाऊस और सीनेट में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या कितनी है।
(इलेक्टर्स की संख्या=2 अमेरिकी सीनेटर+इसके अमेरिकी प्रतिनिधियों की संख्या)

राष्‍ट्रपति पद के विजेता की घोषणा कब की जाती है?
हालांकि, इलेक्टर कॉलेज का वास्तविक मतदान मध्य दिसंबर में होता है, चुनाव की रात को ही एक अनुमानित विजेता की घोषणा की जा सकती है, जो कि इस बार 9 नवंबर को है।

संविधान के मुताबिक यह ज़रूरी नहीं है कि इलेक्टर उन लोकप्रिय लोगों को ही वोट करें जिनका वे प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन ऐसा बहुत कम होता है कि इलेक्टर लोगों और अपनी पार्टी की पसंद का पालन न करें।

इलेक्‍टोरल कॉलेज के वोटों की घोषणा अगले साल जनवरी के शुरुआती दिनों में की जाएगी है। अमेरिका के नए राष्ट्रपति को 20 जनवरी, 2017 में शपथ दिलाई जाएगी, इसे उद्घाटन दिवस के रूप में जाना जाता है।

क्या लोकप्रिय वोट जीतने वाला उम्मीदवार चुनाव हार सकता है?
हां, ऐसा संभव है। एक उम्मीदवार देश भर में बिना बहुमत पाए सिर्फ ज्‍यादा इलेक्‍टोरल वोटों वाले राज्‍यों में जीत दर्ज कर 270 इलेक्‍टरों का वोट पा सकता है। इसलिए अमेरिकी चुनाव में कैलिफोर्निया और टेक्‍सास जैसे राज्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अमेरिकी चुनावों में अब तक चार बार ऐसा हो चुका है।

क्या होगा अगर किसी उम्मीदवार को 270 इलेक्टर वोट न मिलें तो?
इसकी संभावना बेहद कम है। मगर ऐसा हालात में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्‍स के सदस्‍य टॉप 3 उम्मीदवारों में से नया राष्‍ट्रपति चुनने के लिए वोट करते हैं। और सीनेट टॉप दो उम्‍मीदवारों में से उप-राष्‍ट्रपति का चुनाव करता है।

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