बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने शुक्रवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा कि अपने विचार दूसरों पर न थोपें और यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि कि समान नागिरक संहिता को एक राजनीतिक मुद्दा न बनाएं। नायडू ने कहा कि आप विधि आयोग का बहिष्कार करना चाहते हैं, ये आपकी मर्ज़ी है। तीन तलाक पर बात करते हुए नायडू ने कहा कि तीन तलाक
को समान नागरिक संहिता से जोड़ा जा रहा है लेकिन मुख्य मुद्दे लैंगिक न्याय, भेदभाव और महिलाओं की गरिमा है। इसके साथ ही उन्होंने यह वायदा किया कि लोगों पर कुछ भी थोपा नहीं जाएगा। नायडू ने यह भी कहा कि हर मुद्दे में प्रधानमंत्री का नाम घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने पूछा कि परेशानी क्या है, पीएम मोदी उनकी नज़र में कैसे तानाशाह हैं? गौरतलब है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने गुरुवार को समुदायों के बीच कलह पैदा करने को लेकर सरकार की यह कहकर आलोचना की थी कि समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के खिलाफ है। बोर्ड के महासचिव ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी अपने 30 महीने की विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए समान नागरिक संहिता का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया था कि सरहद तो संभल नहीं रही, अंदरूनी जंग की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस्लामी प्रथा तीन तलाक का विरोध करते हुए कहा था कि यह लैंगिक समानता का उल्लंघन है और असंवैधानिक है।
… और पढ़ें