पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी को साल का सबसे बड़ा घोटाला बताया। चिदंबरम ने मंगलवार को एक प्रैस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से पूछा कि 500 का नोट क्यों बंद किया, जबकि यह सबसे ज़्यादा चलन में था। इसके बाद 2000 का नोट क्यों लाए। चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी साल का सबसे बड़ा घोटाला है और इसकी
जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस फैसले को खोदा पहाड़ और निकली चूहिया की संज्ञा बताया। चिदंबरम ने नोटबंदी को बिना सोच-विचार के उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि 50 दिन में हालात कैसे ठीक होंगे। क्योंकि एक महीने में 300 करोड़ से ज़्यादा नोट नहीं छपते। 91 लोग लाइन में खड़े होकर मर गए। लोग कतार में हैं और उन्हें 2500 रुपए मिल रहे हैं। चिदंबरम ने पूछा कि क्या नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम हो गया है। ये सिर्फ भ्रम है कि अमीरों को परेशानी हो रही है बल्कि इसमें गरीब पिस रहा है। चिदंबरम ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की सरकारी की कोशिशों पर भी हमला बोला और कहा कि पूरा देश कैशलेस होना संभव नहीं है।
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