नोटबंदी पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार; केंद्र सरकार से पूछा- ‘पैसे निकालने की सीमा बढ़ाई क्यों नहीं जाती?’

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 500 और 1000 रुपए के नोटों पर पाबंदी के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। हालांकि अदालत ने सरकार से इस बात का हलफनामा दाखिल करने को कहा है कि नोटबंदी के बाद लोगों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। अदालत ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि लोगों के खाते से

पैसे निकालने की सीमा क्यों तय की गई है और इसे बढ़ाया क्यों नहीं जाता। सुप्रीम कोर्ट में एक वकील की तरफ से इस पाबंदी के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की गई। इस याचिका में नोटबंदी के इस फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि जो लोग लाखों रुपया रखे हुए हैं, उन्हें जमा करना होगा, वरना ये पैसा गया। अदालत ने कहा कि इसे सर्जिकल स्ट्राइक कहो या बमबारी, लेकिन ये कॉलेट्रल डैमेज है। साथ ही यह भी कहा कि वह अदालत सरकार की इकॉनोमी पॉलिसी में दखल नहीं देगी। वहीं केंद्र सरकार को इस मामले में 25 नवंबर तक जवाब देना है।

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