भोपाल एनकाउंटर: कैदियों के भागने में अंदर से किसी ने की मदद, बंद सीसीटीवी और नकली चाबी जैसे तथ्यों से गहराया शक

भोपाल एनकाउंटर में मारे गए सिमी के 8 सदस्य जेल से फरार कैसे हुए थे, यह अभी तक साफ नहीं हुआ है। अब तक की जांच में यह शक जताया जा रहा है िक कैदियों के जेल से फरार होने का कारण बदइंतज़ामी नहीं है, बल्कि जेल के किसी अंदर के व्यक्ति की मदद से ही ऐसा संभव हो पाया है। मिली जानकारी के मुताबिक, जांच में ताले की नकली

चाबी और नाली के पास एक चाकू मिला, इसके अलावा जिस बैरक में कैदी रह रहे थे उसका सीसीटीवी कैमरा भी बंद मिला है। इन तमाम तथ्यों के आधार पर मध्य प्रदेश के सीनियर अधिकारियों ने यह शक जताया है कि कैदियों को भागने में अंदरूनी मदद मिली होगी। एक सीनियर अधिकारी ने नाम का खुलासा न करने की शर्त पर हमारे सहयोगी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जिस हद तक कैदियों की भागने में मदद की गई वह बेहद चौंका देने वाली है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी ऐसी ही संभावना जताई है। वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेल में करीब 50 सीसीटीवी कैमरा हैं, जिनमें से अधिकतर काम करते हैं। लेकिन जिस ब्लॉक में सिमी कैदियों को रखा गया था वहीं के सीसीटीवी बंद हो जाना संयोग तो बिल्कुल नहीं लगता। अधिकारी ने बताया कि यह सिमी सदस्यों की लंबी प्लानिंग का ही नमूना है कि टूथब्रश से उन्होंने हर ताले की चाबी बना ली थी। गौरतलब हे कि 31 अक्टूबर को आठ अंडरट्रायल कैदी भोपाल की सेंट्रल जेल से एक सुरक्षा गार्ड की हत्या कर भाग आए थे। जिसके बाद पुलिस द्वारा उनका एनकाउंटर किया गया था और इस एनकाउंटर पर कई तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं।

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