पहाड़ी इलाकों में जीवन कितना मुश्किल होता है, इसकी एक बानगी रामनगर(ramnagar) के चुकुम गांव में देखने को मिलती है. चुकुम गांव में एक अस्थाई पुल बना हुआ है और उसी से पूरा गांव नदी पार करता है. चुकुम गांव में 100 से ज्यादा परिवार रहते हैं। गांव में मतदाताओं की संख्या भी 650 से ज्यादा है, बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही. हर बार बारिश के मौसम से
पहले गांव पर खतरा मंडराने लगता है तो पुल बनाने की बात तो होती है, लेकिन बात देहरादून तक नहीं पहुंच पाती. सिंचाई विभाग भी मानता है कि गांव में स्थाई पुल बनाने में अब देर नहीं होनी चाहिए क्षेत्रीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट का कहना है कि पुल के मुद्दे पर बैठकों का दौर लगातार जारी है और कुछ फंड पास भी हो चुका है. गांववालों की मांग है कि इस बार बारिश के मौसम से पहले पुल जरूर बना दिया जाए जिससे गांव के डूबने का खतरा पूरी तरह से खत्म हो जाए.
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