लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर SC ने फैसला सुरक्षित रखा; कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में अनुराग ठाकुर ने शशांक मनोहर को ठहराया कसूरवार

लोढ़ा पैनल की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बीसीसीआई को फटकार लगाई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। साथ ही बीसीसीआई से यह भी पूछा कि वह लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को कब तक लागू करेगा। इससे पहले, बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल किया था। इस एफिडेविट में ठाकुर ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए

कहा कि उन्होंने ICC के CEO से यह कहने को कहा था कि बीसीसीआई के कामकाज में लोढ़ा समिति की सिफारिशें सरकारी दखल के समकक्ष हैं। अनुराग ठाकुर ने एफिडेविट में कहा कि पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने उनके द्वारा लिए गए स्टैंड के बारे में मुझे बताया था, मामला कोर्ट में लंबित था और इस पर फैसला नहीं लिया गया था। ठाकुर ने 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट से मिले आदेश के बाद एफिडेविट दाखिल किया। इस एफिडेविट में अनुराग ठाकुर ने कहा कि दुबई में 6 और 7 अगस्त को ICC की फाइनेंस से जुड़े मुद्दों को लेकर बैठक थी। वहां उन्होंने शशांक मनोहर के सामने सवाल उठाया था कि जब वह बीसीसीआई के अध्यक्ष थे तब उनका कहना था कि जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के बाद बीसीसीआई के कामकाज में सरकार की दखलअंदाज़ी बढ़ जाएगी और इसके चलते उन्हें ICC से सस्पेंड भी होना पड़ सकता है।

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