नोटबंदी के मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक हो रहे हंगामे के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि ये बहुत बड़ा निर्णय है जिसे लेने के लिए सरकार को बहुत हिम्मत चाहिए थी। एक पत्रकार वार्ता के दौरान जेटली ने कहा कि सरकार पहले भी कह चुकी है कि वह नोटबंदी पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सिर्फ
हंगामा करना चाहता है। जेटली ने कहा कि फिलहाल सरकार को 4 से 5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज़ लेना पड़ता है लेकिन अगर कालाधन बाहर आ जाए तो कर्ज़ लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से गरीबी मिटाने में मदद मिलेगी। यह फैसला देशहित में है और पूरा देश इसका स्वागत कर रहा है, ये एक ऐतिहासिक कदम है। नोटबंदी के कारण किसानों को आ रही दिक्कतों पर बोलते हुए जेटली ने कहा कि कुछ हफ्तों के लिए सरकार का ध्यान कृषि पर केंद्रित है, रबी की फसल का सीज़न भी आ रहा है। नोटबंदी से थोड़े दिनों के लिए दिक्कत हो सकती है, इन दिनों व्यापार भी धीमा है। लेकिन इस फैसले से कैशलैस ट्रांज़ेक्शन को बढ़ावा मिलेगा जिससे कि कालेधन पर रोक लगेगी। नोटबंदी के फैसले पर सबसे बड़ा सवाल यही था कि इस फैसले को लागू करने से पहले एटीएम क्यों नहीं बदले गए। तो इस पर जेटली ने कहा कि 8 नवंबर से पहले एटीएम नहीं बदल सकते थे, क्योंकि नोटबंदी को गोपनीय रखना ज़रुरी था।
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