बिहार में 17 साल पहले हुए सेनारी नरसंहार में जहानाबाद जिला कोर्ट ने 15 लोगों को दोषी करार देते हुए 23 को बरी कर दिया गया है। इस केस में सुनवाई की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी। 70 आरोपियों में से 4 को मौत सुनवाई के दौरान हो चुकी है और 34 का ट्रायल पूरा हो चुका था। साल 1999 में 18 मार्च की रात प्रतिबंधि नक्सली संगठन
उग्रवादियों ने सेनारी गांव को चारों ओर से घेर लिया था। इसके बाद एक विशेष जाति के 34 लोगों को उनके घरों से जबरन निकालकर सामुदायिक भवन के पास ले जाया गाय, जहां उनकी गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एक पीड़ित चिंता देवी के बयान पर गांव के 14 लोगों सहित कुल 70 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। चिंता देवी के पति और बेटे को भी इस कांड में मौत के घाट उतार दिया गया था। चिंता देवी की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। काफी लंबे समय तक चले इस मुकद्दमे में चार अलग चार्जशीट दायर की गई थीं। जिन लोगों को दोषी करार दिया गया है उनकी सज़ा के बारे में फैसला 15 नवंबर को होगा।
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