1 नवंबर से भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को अनरिजर्वड टिकट घर बैठे ही देने की शुरुआत करने जा रही है। दरअसल गुरुवार से मोबाइल एप पर ही अनरिजर्व टिकट खरीदे जा सकेंगे और इसके लिए यात्रियों को स्टेशन पर लंबी-लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। खास बात ये है कि इन टिकटों का भुगतान भी ऑनलाइन ही किया जा सकेगा। ये टिकट रेलवे की अनारक्षित टिकट सिस्टम यानि कि UTS की वेबसाइट पर जाकर बुक किए जा सकेंगे। हालांकि यह सेवा काफी पहले से मौजूद है, लेकिन कुछ ही जोन को यह सुविधा मिल रही थी। लेकिन 1 नवंबर से यह सुविधा देशभर में लागू हो जाएगी। हालांकि 17 साल से कम उम्र के लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके साथ ही यदि किसी व्यक्ति को रेलवे ने बर्खास्त कर दिया है तो उसे भी ऑनलाइन अनरिजर्वड टिकट बुकिंग की सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।
रेल यात्री 1 नवंबर से यूपीएस वेबसाइट के जरिए मोबाइल पर ही प्लेटफॉर्म टिकट, जनरल टिकट, मासिक पास की ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए लोगों को पहले खुद को यूटीएस की आधिकारिक वेबसाइट utsonmobile.indianrail.gov.in पर लॉग इन कर खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा। इसके बाद यूजर जब भी वेबसाइट पर जाकर टिकट बुक कराना चाहेंगे तो उन्हें अपना मोबाइल नंबर और पासवर्ड भरना होगा, जिसके बाद आसानी से टिकट बुक कराया जा सकेगा। UTS की मोबाइल एप को OEM एप्लीकेशन स्टोर, एंड्रॉयड एप गूगल प्ले स्टोर और विंडो एप विंडो प्ले स्टोर से डाउनलोड की जा सकती है।
बता दें कि एक पीएनआर पर 4 यात्री तक ही सफर कर सकते हैं। यात्रियों को किस स्टेशन पर चढ़ना है और किस पर उतरना है, इसका ब्यौरा टिकट बुकिंग के बाद ही मिल सकेगा। यात्री टिकट भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पेटीएम आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं। गौरतलब है कि अभी करीब साढ़े चार लाख रेलवे यात्री ऑनलाइन जनरल टिकट बुकिंग करा रहे हैं। जिससे रेलवे को हर दिन करीब 45 लाख रुपए का राजस्व मिल रहा है। इसके साथ ही हाल ही में IRCTC ने यात्रियों को क्लास अपग्रेडेशन का विकल्प दे दिया है। इसके तहत स्लीपर क्लास में रेल यात्रा करने वाले यात्री को एसी क्लास में सीट खाली रहने पर वहां अपग्रेड किया जा सकेगा। हालांकि इस अपग्रेडेशन के लिए यात्री को टिकट बुकिंग के समय अप्रेडेशन सिस्टम के ऑप्शन को चुनना अनिवार्य होगा। 801684 ,
