स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) अपने ग्राहकों को फिक्सड डिपॉजिट पर प्रीमैच्योर विदड्रॉल की सुविधा देता है। हालांकि इसके लिए बैंक अपने ग्राहकों से कुछ पेनल्टी भी वसूलता है। एसबीआई के नियमों के मुताबिक 1 करोड़ रुपए तक की एफडी की कुल रकम पर बैंक 1 प्रतिशत तक की पेनल्टी लेता है। एसबीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर इससे संबंधित जानकारी दी गई है।
बता दें कि फिक्स्ड डिपॉजिट को टर्म डिपॉजिट के नाम से भी जाना जाता है। एफडी में ग्राहक एक तय रकम पहले से तय समय के लिए बैंक में जमा करते हैं, जिस पर बैंक एक तय रिटर्न देता है। हालांकि कुछ परिस्थितियों में लोगों को अपनी एफडी तय समय से पहले लिक्विडेट करने की जरुरत पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में एसबीआई बैंक अपने ग्राहकों से पेनल्टी के रुप में कुछ रकम वसूलता है।
एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, बैंक 5 लाख रुपए तक की एफडी पर तय समय से पहले लिक्विडेट करने पर 0.50 प्रतिशत की पेनल्टी लगाता है। वहीं 5 लाख से लेकर 1 करोड़ तक यह पेनल्टी 1% होती है। बैंक के अनुसार, 7 दिन से कम समय के लिए फिक्स की गई रकम पर बैंक द्वारा कोई ब्याज नहीं दिया जाता है।
ब्याज दर की बात करें तो एसबीआई 2 करोड़ रुपए तक फिक्स्ड डिपॉजिट की रकम पर फिलहाल 4.50-6.40 की दर से ब्याज का भुगतान कर रहा है। यह ब्याज दर 7 दिन से लेकर 10 साल तक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर दी जाएगी। इसके साथ ही 5 साल से लेकर 10 साल तक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स बेनेफिट भी मिलता है। हालांकि टैक्स बेनेफिट के लिए कम से कम 5 साल के लिए रकम को लॉक इन करना जरुरी है।

