रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। ई-टिकट रद्द कराने वाले यात्रियों को पैसा वक्त पर मिलेगा और कितना पैसा मिलेगा वापस मिलेगा इसकी जानकारी भी एक एसएमएस पर उपलब्ध होगी। पैसे की गड़बड़ी को खत्म करने के लिए इस नई सुविधा की शुरुआत की गई है। सेवा का लाभ लेने के लिए यात्री को इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइआरसीटीसी) के वैध बुकिंग काउंटर से ही टिकट बुकिंग करानी होगी।
आइआरसीटीसी के मुताबिक देशभर में होने वाली बुकिंग में यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए यह सुविधा लागू की गई है। प्रतिदिन रेल यात्रा के लिए करीब 27 फीसद बुकिंग आइआरसीटीसी के माध्यम से होती है और इनमें 15 फीसद तक टिकट रद्द होते हैं। रद्द किए जाने वाले टिकट में वेटिंग के टिकट भी शामिल है।
यात्री को रद्द किए गए टिकट का पैसा लेने के लिए यात्री काउंटर पर जाकर पैसा लेते थे और उन्हें काउंटर अधिकारी द्वारा यह पैसा वापस किया जाता है। इस मामले में कई बार शिकायतें ये भी आती थी कि अधिकारी द्वारा तय नियम के मुताबिक पैसा नहीं लौटाया जा रहा है, इसमें गड़बड़ी को सुधारने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
आइआरसीटीसी के मुताबिक जैसे ही कोई भी यात्री वैध काउंटर पर जाकर टिकट रद्द करने का आग्रह करेगा तभी यात्री द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर टिकट रद्द होने की सूचना एक एसएमएस से पहुंच जाएगा। इसमें रेलवे द्वारा लौटाए जाने वाली धनराशि की भी जानकारी उपलब्ध होगी। यह ओटीपी नंबर सिस्टम में दर्ज होने के बाद ही काउंटर अधिकारी द्वारा यात्री को यह पैसा लौटाया जाएगा। इससे कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
आइआरसीटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट बुकिंग के समय अपना सही मोबाइल नंबर ही दें और काउंटर अधिकारी के माध्यम से भी लिखे जा रहे नंबर की जांच जरूर करें। इससे गड़बड़ी से बचने में मदद मिलेगी।

