Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana, Ayushman Golden Card: आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत सितंबर 2018 में की गई थी। इस योजना में गरीबों को पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त दिया जाता है। इसके तहत अब तक 70 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज हुआ है। सरकार ने इलाज का खर्च वहन करते हुए 4500 करोड़ से ज्यादा की रकम का भुगतान भी अस्पतालों को किया है। इस योजना का लाभ कई लोग उठा रहे हैं। सरकार की यह स्कीम गरीबों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है।

इस योजना के तहत लाभार्थी को इलाज के लिए एक कार्ड मुहैया करवाया जाता है। इसे आयुष्मान गोल्डन कार्ड नाम दिया गया है। 30 रुपये में बनने वाला ये एक ऐसा कार्ड है जिसके जरिए योजना में चुने गए सरकारी और निजी हॉस्पिटलों में 5 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज करवाया जा सकता है। अब सवाल यह है कि ये कार्ड बनता कैसे है। आज हम आपको इस कार्ड को बनवाने का तरीका बता रहे हैं जिसके जरिए आप बेहद ही आसानी से घर बैठे कार्ड के लिए अप्लाई कर सकेंगे।

आपको आधिकारिक वेबसाइट mera.pmjay.gov.in पर लॉग इन करना होगा और एचएचडी कोड चुनना होगा। इसके बाद इस कोड को कॉमन सर्विस सेंटर में आयुष्मान मित्रा को देना होगा। आयुष्मान मित्रा कॉमन सर्विस सेंटर आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे। गोल्डन कार्ड के लिए आवेदकों को सिर्फ 30 रुपये का भुगतान करना होगा।

इस कार्ड के जरिए ग्राहकों को कैशलैस सुविधा मिलती है। यानि अस्पतालम में इलाज के दौरान कैश नहीं बल्कि इस कार्ड से सारे काम हो जाएंगे। इस कार्ड को बोलचाल की भाषा में ई-कार्ड या गोल्डन कार्ड भी कहा जाता है। वहीं वे व्यक्ति जो इस योजना में शामिल तो हैं लेकिन अबतक उन्होंने यह कार्ड नहीं बनवाया है और वे अगर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होते हैं तब भी उनका कार्ड बन जाता है। इसके लिए अस्पताल में मौजूद प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र से मिलकर अपना कार्ड बनवाया जा सकता है।