पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। देश के कई हिस्सों में तेल की कीमतें 100 रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। ऐसे में आम आदमी की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में कई लोग अपनी कार में सीएनजी किट लगवाकर इन बढ़ती कीमतों से छुटकारा पाना चाहते हैं। जिन लोगों की कार में सीएनजी किट लगी हुई है उनपर तेल की कीमतों का कुछ विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।
कार में सीएनजी लगवाने के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान है। सबसे पहले बात नुकसान की करें तो सीएनजी किट वाली कार की परफॉर्मेंस में कमी देखने को मिलती है। मसलन पेट्रोल की तुलना में सीएनजी कार कम परफॉर्म करती है। गाड़ी के पिकअप पर भी कुछ असर पड़ता है। सीएनजी कार का एक्सीलेरेशन भी पेट्रोल कारों की तुलना में कम होता है।
कार की सीएनजी किट में सबसे बड़ी चीज बूट स्पेस में लगने वाला टैंक होता है। यह टैंक 12 से 16 किलो ग्राम का होता है। जो कि किसी कार के बूट स्पेस के मुताबिक चुना जाता है। कार में सीएनजी किट लगवाने के दूसरे नुकसान की बात करें तो इसके वजह से बूट स्पेस लगभग खत्म हो जाता है। छोटे साइज की कार में तो यह बिल्कुल खत्म ही हो जाता है।
एक सीएनजी सिलेंडर को हर तीन साल में हाइड्रो-टेस्टिंग की जरूरत होती है। इससे लीकेज का पता चलता है। ऐसे में ग्राहकों को समय-समय पर टेस्टिंग की भी जरूरत पड़ती है। सीएनजी कार में आग लगने का भी डर रहता है ऐसे में सलाह दी जाती है कि गर्मियों के समय लंबे समय के लिए पार्किंग करते वक्त कार को छाया वाली जगह पर पार्क करना चाहिए।

