कंपनियों के फीके तिमाही परिणामों से निराश स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला आज तीसरे दिन भी जारी रहा और बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स लगभग 236 अंक गिर कर 28,000 से नीचे आ गया।
ब्रोकरों के अनुसार संसद में गतिरोध से भी निवेशकों के मन पर असर पड़ा है, क्योंकि इसके चलते जीएसटी जैसा महत्वपूर्ण विधेयक अटका हुआ है। चीन की मुद्रा यूआन के अवमूल्यन से विश्वस्तर पर उतार चढाव का भी स्थानीय बाजारों पर असर पड़ा।
भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील, हिंडालको और कोल इंडिया के लाभ के निम्नस्तर से निराश बाजार में नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 8,500 से नीचे आ गया। रही सही कसर रच्च्पए की विनिमय दर में तेज गिरावट ने पूरी कर दी। रच्च्पया आज दिन में 40 पैसे गिर कर 64.27 रच्च्पए प्रति डालर तक चला गया था।
तेजी के साथ शुरू हुआ सेंसेक्स एक समय 28,205.12 तक चढ गया था पर बिकवाली के दबाव में तेजी गायब हो गयी। सेंसेक्स अंत में 235.63 अंक या 0.84 प्रतिशत गिर कर 27,866.09 पर आ गया। 30 जुलाई के बाद यह इसका न्यूनतम स्तर है।
सरकार द्वारा राज्य सभा में जीएसटी विधेयक बहस के लिए प्रस्तुत किए जाने के बाद हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
नेशनल स्टाक एक्सचेंज :एनएसई: का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी बिकवाली के दबाव में 63.25 अंक या 0.74 प्रतिशत घट कर 8,462.35 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 23 शेयर हानि और सात लाभ में बंद हुए। एसबीआई 4.87 प्रतिशत नीचे आ गया।
देश के इस सबसे बड़े बैंक के जून तिमाही के लाभ में केवल 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दिखी है पर उसका एनपीए का स्तर कम हुआ है। सरकारी क्षेत्र के पीएनबी और बैंक आॅफ बड़ौदा के शेयर भी विकवाली के दबाव में रहे। हिंडालको, टाटा मोटर्स, कोल इंडिया और वेदांता में गिरावट जारी रही। इसके विपरीत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो के शेयर लाभ में बंद हुए।