जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ इलाके में पाकिस्‍तान की ओर से एक और नापाक हरकत सामने आई है। सोमवार (1 मई) की सुबह पहले सीजफायर का उल्‍लंघन किया गया, जिसमें भारतीय सेना के दो जवान शहीद हुए। दोपहर में भारतीय सेना की उत्‍तरी कमान ने एक बयान जारी कर कहा कि सैनिकों के शवों के साथ बर्बरता की गई है। सेना ने बयान में कहा, ”1 मई 2017 को कृष्‍णा घाटी सेक्‍टर में नियंत्रण रेखा के निकट दो फॉरवर्ड पोस्‍ट्स पर पाकिस्‍तानी सेना की ओर से रॉकेट और मोर्टार फायरिंग की गई। साथ ही दो पोस्‍ट्स के बीच पैट्रोल ऑपरेटिंग पर बैट एक्‍शन भी किया गया। पाकिस्‍तानी सेना ने कायरानापूर्ण रवैया दिखाते हुए हमारे दो जवानों के शवों को क्षत-विक्षत कर दिया। पाकिस्‍तानी सेना का ऐसे नृशंस कृत्‍य का जल्‍द ही उचित जवाब दिया जाएगा।” यह खबर आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्‍सा फूट पड़ा है। अधिकतर के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह हैं, जिन्‍हें इन सबके लिए जिम्‍मेदार ठहराया जा रहा है।

ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रयाएं:

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https://twitter.com/Rajeshk49882724/status/858989305259282432

https://twitter.com/mananjain1008/status/858985083126128640

एसएसपी आर पांडे ने कहा, “सीमा पार से लगातार फायरिंग हो रही थी। फायरिंग से तीन जवान घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल हुए दो जवानों की बाद में मौत हो गई थी। मामले की जांच की जा रही है।” अर्द्धसैनिक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संघर्ष विराम का उल्लंघन सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुआ। हमले में सेना के नायब सूबेदार परमजीत सिंह और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 200वीं बटालियन के एक हेड कांस्टेबल प्रेम सागर की मौत हो गई।

अधिकारी ने बताया, “सुबह साढ़े आठ बजे पुंछ जिले के कृष्णगाती सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर बीएसएफ चौकी पर पाकिस्तानी चौकी की ओर से रॉकेट और स्वचालित हथियारों से भारी गोलीबारी की गई।” अधिकारी ने कहा कि सीमा की सुरक्षा करने वाले जवानों ने प्रभावी तौर पर जवाब दिया। पाकिस्तानी सेना ने पुंछ और राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पिछले महीने सात बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था।