उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के पद संभालने के कुछ घंटे के भीतर ही रविवार रात प्रशासन ने दो बूचड़खानों को सील कर दिया। एक अधिकारी ने बताया कि तकरीबन एक साल पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इन दो बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था। जिले के पशु चिकित्सा अधिकारी धीरज गोयल ने कहा,‘हमने शहर के अताला क्षेत्र में और शहर के बाहरी इलाके नैनी में एक-एक बूचड़खाने को रविवार रात सील कर दिया।’ उन्होंने कहा कि उन खबरों के बाद कदम उठाया गया कि कागज पर ये बूचड़खाने बंद होने के बावजूद अभी भी वहां कारोबार चल रहा था। गोयल ने कहा कि एनजीटी ने भी इसी तरह इलाके में दूसरे बूचड़खाने को बंद करने की सिफारिश की थी। वहां अवैध कारोबार की खबर नहीं थी। उनके विभाग ने पुलिस से नजर रखने को कहा था। संयोग से उत्तर प्रदेश में नई कैबिनेट के शपथ लेने के कुछ घंटे के भीतर यह कदम उठाया गया। ऐसे ही दूसरी खबर मे मेरठ में भी कमेले पर रोक लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश में चल रहे इस घटनाक्रम में ट्विटर पर योगी का जबरदस्त समर्थन देखने को मिला है। साथ ही लाल बत्ती के इस्तेमाल ना करने और मुख्यमंत्री आवास पर पूजा पाठ को लेकर पर ट्विटर पर खासा समर्थन देखने को मिल रहा है।

 

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वहीं राज्यभर में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अवैध रूप से चल रहे करीब 300 कमेलों में सन्नाटा पसरा था और उलझन का माहौल था। इस कारोबार से जुड़े लोग एकाएक इन कमेलों के पास भी नजर नहीं आ रहे थे। हालाकि प्रदेश सरकार की ओर से अवैध कटान को लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन रविवार व सोमवार भी पुलिस की चहल-पहल उन इलाकों में दिखाई दी जहां ये छोटे-बड़े कमेले चल रहे हैं। पशुओं को लाने वाली गाड़ियों पर भी पुलिस ने कड़ी निगाहें रखी।