तीन तलाक से जुड़ा कोई ना कोई मसला हर रोज मीडिया में सामने आ रहा है। इस मुद्दे पर टीवी की बहस कई बार इतनी तीखी हो जाती है कि लगता हाथापाई ही हो जाएगी। ऐसी ही एक टीवी बहस के दौरान शो में शामिल मौलवी इतने नाराज हुए कि अपनी जगह से खड़े हो गए। बीजेपी नेता शाजिया इल्मी से दोनों मौलवी इस कदर गुस्साए नजर आए कि लग रहा था कि झगड़ा बढ़ते बढ़ते कई हिंसक ना हो जाए। एक मौलवी ने तो शाजिया को हिंदुओं के साथ होली खेलने वाली तक बता दिया। शाजिया तीन तलाक का मुखर होकर विरोध करती रही हैं। तीन तलाक से जुड़ा एक केस बुधवार को भी सामने आया जिसमें एक शौहर ने अखबार में विज्ञापन देकर अपनी बेगम को तलाक दे दिया। शहर की पुलिस ने एक अनिवासी भारतीय के खिलाफ धोखाधड़ी और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है, जिसने अखबार में विज्ञापन के जरिये पत्नी को कथित तौर पर तलाक दे दिया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मोहम्मद मुश्ताकुद्दीन ने जनवरी, 2015 में 25 वर्षीय शिकायतकर्ता से शादी की थी। आरोपी महिला को सउच्च्दी अरब ले गया, जहां वह काम करता था।
पिछले महीने दंपति अपने 10 माह के बच्चे के साथ भारत लौटा। इसके बाद मुश्ताकुद्दीन अकेले सउच्च्दी अरब चला गया। उसकी पत्नी ने मुगलपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया है कि मुश्ताकुद्दीन ने एक स्थानीय उर्दू अखबार में विज्ञापन देकर उसे तलाक दे दिया। सहायक पुलिस आयुक्त एस गंगाधर ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत में मुश्ताकुद्दीन पर 20 लाख रूपये के दहेज के लिए उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार मुश्ताकुद्दीन के सउच्च्दी अरब लौटने के बाद महिला के ससुराल वालों ने उसे उनके घर में घुसने से रोक दिया। दो दिन पहले उसने एक उर्दू अखबार में एक विज्ञापन देखा जिसमें कहा गया है कि मुश्ताकुद्दीन ने उसे ‘तलाक’ दे दिया है। यह विज्ञापन उसके पति के वकील की तरफ से दिया गया है। इसी केस पर बहस इतनी गर्मागर्म हो गई कि शाजिया इल्मी पर दोनों मौलना भड़क गए।

