पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे के एक वीडियो पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘ लालच में पूरी नौकरशाही को नीचा दिखा दिया’।
दरअसल पूर्व IPS गुप्तेश्वर पांडे बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अफसर से राजनेता बन गए थे। कुछ दिन पहले ही उनका राजनीति से मोहभंग हो गया और वह कथावाचक बन गए। उन्होंने अपना एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि , ‘ मेरे से कोई बढ़िया से बढ़िया अधिकारी भी हो न, खराब से खराब नेता हो जिसे आप सबसे ज्यादा खराब नेता मानते हैं। ऐसे नेता जो किसी से मिलते नहीं और किसी की सुनते नहीं। खराब से खराब नेता भी बढ़िया से बढ़िया ब्यूरोक्रेट से अच्छा है’।
अपने वीडियो में पूर्व IPS गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं क्योंकि ब्यूरोक्रेट जो भी गलत सही करता है वह अपने लिए करता है। वह जो भी नाजायज काम करता है वह अपने लाभ के गुणा गणित को देखकर करता है। वहीं अगर आप किसी राजनीतिक व्यक्ति को गलत करते हुए देखते हैं न तो वह 100 गलत काम में से 99 गलत काम अपने लोगों के लिए करता है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि एक राजनेता का दिल बहुत बड़ा होता है। राजनीति करना एक कठिन काम है।
पूर्व डीजीपी इसी वीडियो पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह भड़क गए। उनके इस वीडियो पर उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘राजनीतिक महत्वाकांक्षा में आपने पूरी की पूरी नौकरशाही को नीचा दिखा दिया? गुप्तेश्वर पांडे जी, आपको शर्म आनी चाहिए’। गुप्तेश्वर पांडे के इस बयान पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। @Chikapu टि्वटर हैंडल से कमेंट करते हुए लिखा गया कि, ‘काफी साल ब्यूरोक्रेसी की मलाई चाटने के बाद अब इनको राजनीति की रबड़ी खानी है तो अब राजनेता अच्छे और ब्यूरोक्रेट्स बेकार लगेंगे ही पांडे जी को’।
राजनीतिक महत्वाकांक्षा में आपने पूरी की पूरी नौकरशाही को नीचा दिखा दिया?
गुप्तेश्वर पांडे जी, आपको शर्म आनी चाहिए।pic.twitter.com/KlPwPjV0cW
— Surya Pratap Singh IAS Rtd. (@suryapsingh_IAS) July 1, 2021
एक यूजर ने लिखा कि नौकरशाही को नीचा दिखाने का कार्य तो इंदिरा जी के जमाने से होता आ रहा है, ये कौन सी नई बात है। एक पढ़े – लिखे आईएएस ऑफिसर को जब एक अनपढ विधायक के वजह से चुप होना पड़ता है तो तकलीफ होती है। @Nimitsingh9 टि्वटर हैंडल से रिप्लाई करते हुए लिखा गया कि, ‘इनका वही हाल है ना राम मिले ना माया। अब इनके हिसाब से हम अपनी IAS IPS बनने की अटूट इच्छा को छोडकर राजनेताओ के पीछे लग जाये’। एक यूजर ने मजा लेते हुए लिखा कि ब्यूरोक्रेट रहते इनका चरित्र कैसा था, उसका बखान कर रहे हैं पांडे जी।

