स्नैपचैट के सीईओ ईवान स्पीगल के भारत विरोधी बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है। पिछले दिनों खबर आई थी कि सीईओ ईवान स्पीगल (Evan Spiegel) ने एक मीटिंग के दौरान भारत को ‘गरीब’ लोगों का देश कहा था। इस बात का खुलासा स्नैपचैट के एक पूर्व कर्मचारी ने किया था। उस कर्मचारी ने एक इंटरव्यू दिया था जिसमें यह खुलासा हुआ। कर्मचारी ने कहा कि 2015 के दौरान एक मीटिंग में उसने ईवान स्पीगल से कहा था ने उनका ऐप भारत जैसे देशों में तरक्की नहीं कर रहा। कर्मचारी के मुताबिक, इसपर ईवान स्पीगल ने कहा था, ‘यह ऐप केवल रईस लोगों के लिए है, मैं इसको भारत और स्पेन जैसे गरीब देशों में बढ़ाना नहीं चाहता।’ इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हालांकि, स्नैपचैट ने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी सीईओ ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
ट्विटर, फेसबुक समेत हर जगह Snapchat का विरोध होने लगा। लोगों ने #UninstalSnapchat का हैशटैग भी चलाया। जिन लोगों ने अपने फोन में स्नैपचैट डाला हुआ था उन्होंने फटाफट इसको फोन से हटाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं लोग स्नैपचैट को डिलीट करने वाला स्क्रीनशॉट भी शेयर कर रहे थे। कई लोगों ने प्ले स्टोर पर जाकर स्नैपचैट के ऐप को एक स्टार दिया। जिससे उसकी रेटिंग गिर गई।
स्नैपचैट का हेडक्वॉटर लॉस एंजिल्स, कैलिफॉर्निया में है। पिछले कुछ दिनों में यह ऐप काफी चलन में आया है। इस इमेज मैसेजिंग ऐप को अबतक 500 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसको 2011 में सैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ईवान स्पीगल, बॉबी मुर्फी और रेज्जी ब्राउन ने बनाया था।

