दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 100 दिनों से चले आ रहे नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी(NRC) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर(NPR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को मंगलावर(24 मार्च) को खत्म करवा दिया गया। पिछले काफी लंबे समय से प्रदर्शनस्थल खाली करवाने की बातें हो रही थीं। मंगलवार सुबर भारी संख्या में सुरक्षाबलों ने शाहीन बाग पहुंच वहां लगे मंच, तख्त, तंबू, पोस्टर, बैनर सब हटवा दिए। कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।
नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद से ही शाहीन बाग चर्चा में आ गया था। यहां पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए CAA/NRC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इन प्रदर्शनों में महिलाओं ने प्रमुखता से हिस्सा लिया था। शाहीन बाग की ही तर्ज पर देश के दूसरे हिस्सों में भी महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया था। काफी लोग शाहीन बाग के समर्थन में खड़े हो गए थे तो बड़ी तादाद में लोगों ने इसका विरोध भी किया था।
अब जब शाहीन बाग में प्रदर्शनस्थल खाली करवा दिया गया है तो सोशल मीडिया में लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है। इसी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने विवादित बयान दिया है। विजय शंकर तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा- शाहीनबाग खाली,कहावत तो सच्ची साबित हो गई कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते।

वीएचपी नेता के इस ट्वीट पर कुछ लोग इसी तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऐसे लोग लिख रहे हैं कि अगर इन लोगों पर पहले ही सख्ती कर दी गई होती तो ये नौबत ना आती। वहीं शाहीन बाग खाली करवाए जाने पर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आखिरकार दिल्ली को आजादी मिल ही गई।
बता दें कि कोरोना वायरस के कारण पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू है। इसके बाद भी कुछ लोग शहीन बाग में प्रदर्शन पर बैठे थे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने की अपील की थी। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर भी लोगों को जगह खाली करने के लिए कह चुकी थीं। आखिरकार सोमवार को दिल्ली पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए वहां से लोगों को हटा दिया।


