ई-वॉलेट कंपनी PayTM ने नोटबंदी के बाद से बहुत तेजी से यूजर्स बटोरे हैं। दैनिक चीजों के भुगतान का माध्‍यम बनने पर PayTM की पहुंच व्‍यापक हो रही है। नए साल के मौके पर PayTM की टीम ने इस उपलब्धि का ऐसा जश्‍न मनाया कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें PayTM के फाउंडर विजय शर्मा की स्‍पीच पर विवाद हो गया है। कंपनी की सफलता से गदगद शर्मा वीडियो में बताते हैं कि कैसे उनकी टीम काम कर रही है। विजय ने अपनी स्‍पीच में कुछ बातें ऐसी कहीं जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। शर्मा ने कहा था, ”जो हमारे साथ नहीं है वो रोएंगे। एक साल वो किया जो उन्होंने 10 साल में नहीं किया। 2017 हमारा है। कैसे नहीं होगा।” एक जगह वह कहते हैं, ”हमने कुछ सोचा, हमने कुछ सोचा, हमने कुछ सोचा और साला दूसरों की पैंट गीली नहीं हुई तो क्या सोचा?” वीडियो में एक जगह विजय प्रतिद्धंदी कंपनियों के संदर्भ में कहते हैं, ”साला हम टैंक हैं, सबको कुचल देंगे!”

PayTM के सीईओ द्वारा दी गई स्‍पीच पर ट्विटर यूजर्स ने नाराजगी जताई है। गुरुवार को #सड़कछाप_PayTM हैशटैग के साथ कंपनी और शर्मा की आलोचना की गई। एक यूजर ने कहा, ”2015 में 400 ₹ काट लिया था PayTM ने तब से इस चोर कंपनी का चक्कर छोड़ दिया” सुधांशु ने कहा, ”#सड़कछाप_PayTM 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने से सबसे ज्यादा अगर किसी को फायदा पहुंचा है तो वह ई-वॉलेट कंपनी PayTM है।” सौरभ ने कहा, ”अब सभी ऑफिस पार्टियों में फोन लेकर जाने की इजाजत नहीं होगी। नहीं हो अगले दिन गड़बड़ हो जाएगा।” नागेंद्र ने लिखा, ”जब बिना मेहनत के कोई चीज़ – झोली में आ गिरे तो लोग ऐसे ही react करते है जैसे #सड़कछाप_PayTM के सीईओ ने किया।”

देखें यूजर्स की प्रतिक्रियाएं:

https://twitter.com/DigitalAtheist_/status/821975142486020096

https://twitter.com/mithilesh_k/status/821967078768791553

हालांकि कुछ यूजर्स ने इस हैशटैग पर संदेह जताया। श्रद्धा ने लिखा कि ‘मुझे खुशी है कि लोग समझ रहे हैं कि यह एक पेड ट्रेंड है। शायद Freecharge की तरफ से क्‍योंकि अब बहुत से लोग ‘Switch to Freecharge’ हैशटैग चलाएंगे।”