सकारात्मक विचार न केवल दिमाग को बदलते हैं। बल्कि ये किसी की भी जिदंगी को परिवर्तित कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ सकारात्मक हाल ही में एक कैब ड्राइवर के साथ हुआ। अपनी कैब में बैठी एक सवारी से वह इतना ज्यादा प्रेरित हुआ कि उसने टैक्सी चलाना ही छोड़ दिया। उसने इसके बाद सेना में भर्ती होने के लिए परीक्षा दी और उसमें सफल भी हुआ। अब वह खुद सेना में अफसर बनने वाला है। कैब ड्राइवर से सेना में अफसर बनने का यह मामला महाराष्ट्र के पुणे का है। सोशल मीडिया पर इस वक्त इस पूर्व कैब ड्राइवर की कहानी काफी लोगों के लिए मिसाल बन कर तेजी से वायरल हो रही है। यूजर्स से कैब ड्राइवर सेना अफसर बनने का सफर तय करने वाले लड़के की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह वाकई में शानदार और प्रेरणादाई है। ओला से सीधे ओटीए का सफर सलाम ठोंकने लायक है।

शनिवार (3 मार्च) को टि्वटर पर मेजर गौरव आर्य ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, “पुणे में एक ओला ड्राइवर गरीबी से लड़ रहा था। वह अपने परिवार का पेट पालने के लिए यह काम कर रहा था। एक दिन उसे एक सवारी मिली, जो कि सेना में कर्नल थे। दोनों के बीच उस दौरान बातचीत हुई। युवा ड्राइवर उनकी बातों से इतना प्रभावित हुआ कि उसने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के लिए परीक्षा दी और ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी (ओटीए) ज्वॉइन की। कैडेट ओम पैथाने 10 मार्च को भारतीय सेना के अफसर के नाते मार्च पर निकलेंगे।”

फिर क्या था, पैथाने की इस कहानी पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। लोगों ने देखिए तारीफ में क्या-क्या कहा-