नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है। फिल्म इंडस्ट्री में उनकी दमदार अदाकारी से आप सभी परिचित होंगे। वहीं नाना पाटेकर अपनी अदाकारी पूरे परफेक्शन के साथ निभाने की कोशिश करते हैं। नाना पाटेकर भले ही मुस्लिम न हों, लेकिन यह कहना शायद गलत नहीं होगा कि उन्हें इस्लाम के बारे में अच्छी जानकारी है। इस बात की गवाह उनकी दो फिल्में भी हैं। आपको याद होगा नाना पाटेकर की फिल्म “गुलाम-ए-मुस्तफा” में उन्होंने एक मुस्लिम शख्स का किरदार निभाया था। अपने काम को वह इतने परफेक्शन से करते हैं कि उन्होंने फिल्म के एक सीन के लिए नमाज में पढ़ी जाने वाली दुआएं भी याद कर ली थी। फिल्म के आखिरी हिस्से में वह इन्हें पढ़ते हैं। ऐसी एक और फिल्म जो उनके इस्लाम की अच्छी जानकारी होने के बारे में बताती है वह है “द अटैक्स ऑफ 26/11″। यह फिल्म 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमलों पर बनाई गई थी। इसमें उन्होंने मुंबई के पुलिस कमिश्नर का किरदार निभाया है।
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आंतकियों ने मुंबई पर हमले की घिनौनी हरकत को अंजाम दिया था और कैसे पुलिस ने कसाब को जिंदा पकड़ा था। वहीं इस फिल्म में एक सीन है जिसमें नाना पाटेकर इस्लाम के बारे में काफी जरूरी जानकारी दे रहे हैं। अमूमन कट्टर इस्लामिक आतंकी अपनी घिनौनी हरकतों को जिहाद का नाम देते हैं। मगर जिहाद का सही मतलब क्या है यह नाना पाटेकर ने इस फिल्म के एक सीन में बताया है। फिल्म के सीन में नाना पाटेकर आतंकी को एक शवग्रह में लेकर जाते हैं और वहां पर उसके मारे गए आतंकी साथियों के शवों दिखाते हैं। इसके बाद नाना पाटेकर आंतकी को इस्लाम और जिहाद के सही मायने समझाते हैं। एक डायलॉग में वह कहते हैं “41 बार जिक्र है जिहाद शब्द का पाक किताब(कुरान) में”। इसके बाद नाना पाटेकर उसे इस्लाम और जिहाद से जुड़ी सही जानकारी देते हैं। फिल्म का यह सीन नाना पाटेकर की जबरदस्त अदाकारी के इतिहास में एक और पन्ना जोड़ देता है। यूट्यूब पर इस फिल्म का 8 मिनट का यह सीन हाल ही में काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को 11 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
देखें वीडियो (Source: Youtube/Eros Now Movies Preview)
